अकबरी लोटा

हिन्दी पाठ्य पुस्तक में संकलित पाठ ‘अकबरी लोटा’ पर आधारित वर्कशीट।

प्रश्न – अवतरण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

अकबरी लोटा

लाला को काटो तो बदन में खून नहीं। ऐसी चलती हुई गली में ऊँचे तिमंजले से भरे हुए लोटे का गिरना हँसी-खेल नहीं। यह लोटा न जाने किस अनाधिकारी के झोंपड़े पर काशीवास का संदेश लेकर पहुँचेगा। कुछ हुआ भी ऐसा ही। गली में जोर का हल्ला उठा। लाला झाऊलाल जब तब दौड़कर नीचे उतरे तब तक एक भारी भीड़ उनके आँगन में घुस आइ। लाला झाऊलाल ने देखा कि इस भीड़ में प्रधान पात्र एक अंग्रेज है जो नखशिख से भीगा हुआ है और जो अपने एक पैर को हाथ से सहलाता हुआ दूसरे पैर पर नाच रहा है। उसी के पास अपराधी लोटे को भी देखकर लाला झाऊलाल जी ने फ़ौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया। गिरने के पूर्व लोटा एक दुकान के सायबान से टकराया। वहाँ टकराकर उस दुकान पर खड़े उस अंग्रेज को उसने सांगोपांग स्नान कराया और फिर उसी के बूट पर आ गिरा। उस अंग्रेज को जब मालूम हुआ कि लाला झाऊलाल ही उस लोटे के मालिक हैं तब उसने केवल एक काम किया। अपने मुँह को खोलकर खुला छोड़ दिया। लाला झाऊलाल को आज ही यह मालूम हुआ कि अंग्रेजी भाषा में गालियों का ऐसा प्रकांड कोष है।

इसी समय पं- बिलवासी मिश्र भीड़ को चीरते हुए आँगन में आते दिखाई पड़े। उन्होंने आते ही पहला काम यह किया कि उस अंग्रेज को छोड़कर और जितने आदमी आँगन में घुस आए थे, सबको बाहर निकाल दिया। फिर आगँन में कुर्सी रखकर उन्होंने साहब से कहा- “आपके पैर में शायद कुछ चोट आ गई है। अब आप आराम से कुर्सी पर बैठ जाइए।“

साहब बिलवासी जी को धन्यवाद देते हुए बैठ गए और लाला झाऊलाल की और इशारा करके बोले- “आप इस शख्स को जानते हैं?”

“बिलकुल नहीं। और मैं ऐसे आदमी को जानना भी नहीं चाहता जो निरीह राह चलतों पर लोटे के वार करे।“

“मेरी समझ में ‘ही इज ए डेंजरस ल्यूनाटिक’ (यानी, यह खतरनाक पागल है)।“ “नहीं, मेरी समझ में ‘ही इज ए डेंजरस क्रिमिनल’ (नहीं, यह खतरनाक मुजरिम है)।“ परमात्मा ने लाला झाऊलाल की आँखों को इस समय कहीं देखने के साथ खाने की भी शक्ति दे दी होती तो यह निश्चय है कि अब तक बिलवासी जी को वे अपनी आँखों से खा चुके होते। वे कुछ समझ नहीं पाते थे कि बिलवासी जी को इस समय क्या हो गया है।

1. अवतरण को उपयुक्त शीर्षक दें –

2. लोटा कहाँ से गिरा था ?

3. लाला झाऊलाल के आंगन में कौन लोग आ गए थे ?

4. पानी का लोटा किस के ऊपर गिरा था ? और उसे कहाँ चोट आई थी ?

5. जब अंग्रेज को पता चला कि लोटे के मालिक लाला झाऊलाल हैं, तो अंग्रेज ने क्या किया ?

6. लाला झाऊलाल को आज ही क्या मालूम हुआ ?

7. बिलवासी मिश्र ने आते ही क्या काम किया ?

8. बिलवासी मिश्र ने अंग्रेज से क्या कहा ?

अकबरी लोटा

अक्षरों का महत्त्व

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

जैसा सवाल वैसा जवाब

टिकट अलबम

दादी माँ

पानी की कहानी

बिशन की दिलेरी

भगवान के डाकिए

मन करता है

झब्बर-झब्बर बालों वाले

मिर्च का मज़ा

मीरा बहन और बाघ

रक्त और हमारा शरीर

राख की रस्सी

लाख की चूड़ियाँ

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वीर कुँवर सिंह

सबसे अच्छा पेड़

साथी हाथ बढ़ाना

सूरदास के पद

हिमालय की बेटियाँ

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