गणतंत्र दिवस पर भाषण 2017

गणतंत्र दिवस पर भाषण

आप सबको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्तवपूर्ण है। आज ही के दिन 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। आज का यह दिन भारत के लिए सबसे गौरवमयी दिन है। इस गौरवमयी दिन के अवसर पर मैं संविधान और अनुशासन के विषय में अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूँ।

संविधान का अर्थ है किसी राष्ट्र की शासन-व्यवस्था के लिए बनाए गए आधारभूत नियम और कानून। हर देश का एक संविधान होता है। कानून-व्यवस्था होती है। उसका पालन कराने के लिए प्रशासन और पुलिस होती है। कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों को सजा दी जाती है। यह कानून-व्यवस्था देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक समान होती है। सभ्य समाज का नागरिक होने और कानून का डर होने के कारण हम सरकारी नियम-कानूनों का पालन करते हैं। कानून-व्यवस्था को तोड़ने पर हमें सजा का भय होता है।




 

अब यदि हम संविधान के व्यापक अर्थ को लें तो प्रशासन, स्कूल, समाज, परिवार सभी जगह हमारे द्वारा बनाए गए नियम, सिद्धान्त और आदर्श हमारा संविधान है। कोई भी संविधान तब सार्थक माना जाता है जब वह समाज को अनुशासित करे। अनुशासन से अभिप्राय नियम, सिद्धान्त तथा आदेशों का पालन करना है। जीवन को आदर्श तरीके से जीने के लिए अनुशासन में रहना आवश्यक है। अनुशासन के बिना व्यक्ति पशु के समान है।




 

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कहा था, ‘अनुशासन राष्ट्र का जीवन-रक्त है।’ सच पूछा जाए तो अनुशासन ही मानव सभ्यता के विकास की पहली सीढ़ी है, जिसके सहारे हमारा क्रमिक विकास संभव हुआ है। प्रकृति के समस्त कार्य-व्यापार किसी न किसी नियम से बंधे होते हैं। पृथ्वी नित्य नियम से अपनी धुरी पर घूमती है, सर्दी, गरमी और बरसात सदैव समय पर आया करते हैं। अनुशासन राष्ट्रीय जीवन के लिए बेहद जरूरी है। यदि प्रशासन, स्कूल, समाज, परिवार सभी जगह सब लोग अनुशासन में रहेंगे और अपने कर्त्तव्यों का पालन करेंगे, अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे तो कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी या अशांति नहीं होगी। नियम तोड़ने से ही अनुशासनहीनता बढ़ती है तथा समाज में अव्यवस्था पैदा होती है। आज गणतन्त्र दिवस के पावन अवसर पर मेरा आप सबसे अनुरोध है कि हम अपने संविधान का सम्मान करें और एक आदर्श छात्र, आदर्श नागरिक बनकर देश के विकास में अपना योगदान दें।

एक भारतीय होने के नाते क्या आप इन सवालों के जवाब जानते हैं

संदीप कुमार

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