चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

हिन्दी पाठ्य पुस्तक में संकलित पाठ ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ पर आधारित वर्कशीट।

प्रश्न – अवतरण के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

1. पिछली शताब्दी में पत्र लेखन ने एक कला का रूप ले लिया। डाक व्यवस्था के सुधार के साथ पत्रों को सही दिशा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए। पत्र संस्कृति विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रमों में पत्र लेखन का विषय भी शामिल किया गया। भारत ही नहीं दिुनया के कइ देशों में यह प्रयास चले और विश्व डाक संघ ने अपनी आरे से  भी अनेक प्रयास किए। विश्व डाक संघ की आरे से 16 वर्ष से कम आयवुर्ग के बच्चों के लिए पत्र लेखन प्रतियोगिताएँ आयोजित करने का सिलसिला सन् 1972 से शुरू किया गया। यह सही है कि खास तौर पर बड़े शहरों और महानगरों में संचार साधनों के तेज विकास तथा अन्य कारणों से पत्रों की आवाजाही प्रभावित हुई है पर देहाती दुनिया आज भी पत्रों से ही चल रही है। फैक्स, ई-मेल, टेलीफोन तथ मोबाइल ने पत्रों की तेजी को रोका है पर व्यापारिक डाक की संख्या लगातार बढ़ रही है।

2. पत्र व्यवहार की परंपरा भारत में बहुत पुरानी है। पर इसका असली विकास आजादी के बाद ही हुआ है। तमाम सरकारी विभागों की  तुलना में सबसे ज्यादा गुडविल डाक विभाग की ही है। इसकी एक खास वजह यह भी है कि यह लोगों को जोड़ने का काम करता है। घर-घर तक इसकी पहुँच है। सचांर के तमाम उन्नत साधनों के बाद भी पत्रों की हैसियत बरकरार है। शहरी इलाकों में आलीशान हवेलियाँ हों या फिर झोपड़ियों में रह रहे लोग, दुर्गम जंगलों से घिरे गाँव हों या फिर बर्फबारी के बीच जी रहे पहाड़ों के लोग, समुद्र तट पर रह रहे मछुआरे हों या फिर रेगिस्तान की ढाँणियों में रह रहे लोग, आज भी पत्रों का ही सबसे अधिक बेसब्री से इंतजार होता है।

(1) पत्र लेखन ने पिछली शताब्दी में क्या रूप ले लिया ?

(2) पत्र संस्कृति विकसित करने के लिए क्या किया गया है ?

(3) विश्व डाक संघ की आरे सन् 1972 में क्या आरम्भ किया गया ?

(4) पत्रों की तेजी को किसने रोका है ?

(5)  पत्रों की संख्या कहाँ लगातार बढ़ रही है ?

(6) भारत में पत्र व्यवहार की परम्परा कैसी है ?

(7) सबसे ज्यादा गुडविल किस सरकारी विभाग की है और क्यों ?

(8) कौन पत्रों का बेसब्री से इंतजार करते हैं ?

अकबरी लोटा

अक्षरों का महत्त्व

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

जैसा सवाल वैसा जवाब

टिकट अलबम

दादी माँ

पानी की कहानी

बिशन की दिलेरी

भगवान के डाकिए

मन करता है

झब्बर-झब्बर बालों वाले

मिर्च का मज़ा

मीरा बहन और बाघ

रक्त और हमारा शरीर

राख की रस्सी

लाख की चूड़ियाँ

लोकगीत

वीर कुँवर सिंह

सबसे अच्छा पेड़

साथी हाथ बढ़ाना

सूरदास के पद

हिमालय की बेटियाँ

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