बचपन

हिन्दी पाठ्यपुस्तक वसंत में संकलित पाठ ‘बचपन’ पर आधारित वर्कशीट।

प्रश्न – अवतरण को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

बचपन

चने जोर गरम और अनारदाने का चूर्ण! हाँ, चने जोर गरम की पुड़िया जो तब थी, वह अब भी नजर आती है। पुराने कागजों से बनाई हुई इस पुड़िया में निरा हाथ का कमाल है।

नीचे से तिरछी लपेटते हुए ऊपर से इतनी चौड़ी कि चने आसानी से हथेली पर पहुँच जाएँ। एक वक्त था जब फ़िल्म का गाना-चना जोर गरम बाबू मैं लाया मजेदार, चना जोर गरम-यह गाना उन दिनों स्कूल के हर बच्चे को आता था। कुछ बच्चे पुड़िया पर तेज मसाला बुरकवाते। पूरा गिरजा मैदान घूमने तक यह पुड़िया चलती। एक-एक चना-पापड़ी मुँह में डालने और कदम उठाने में एक खास ही लय-रफतार थी।

1. लेखिका को अपने बचपन की कौन-सी बातें आज भी याद आती हैं ?  

2. पुड़िया किस चीज से बनाई जाती थी ?      

3. पुड़िया की क्या विशेषता थी ?   

4. फ़िल्म का कौन-सा गाना बच्चों में लोकप्रिय हो गया था ?      

5. पूरा गिरजा मैदान घूमने पर भी क्या खत्म नहीं होती थी ?

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