बिशन की दिलेरी

हिन्दी पाठ्य पुस्तक रिमझिम में संकलित पाठ बिशन की दिलेरी पर आधारित वर्कशीट।  

बिशन की दिलेरी

प्रश्न – अवतरण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

तभी बिशन को भारी-भरकम जूतों की आवाज़ सुनाई दी, जो तेजी से उसके पास आती जा रही थी। पीछे से आ रहा शिकारी गुस्से में ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहा था, फ्मैं तुझे देख लूँगा, तू मेरा शिकार चुराकर नहीं ले जा सकता!य् बिशन के लिए आगे निकल भागने का रास्ता नहीं था।

अगर वह सड़क से जाता तो शिकारी को साफ दिखाई दे जाता। इसलिए उसने खेतों के छोटे रास्ते से जाना तय किया। खेतों से आगे के रास्ते में काँटेदार झाड़ियाँ थीं। बिशन उसी रास्ते पर घुटनों के बल चलने लगा। बहुत सँभलकर चलने पर भी उसके हाथ-पाँव पर काँटों की बहुत-सी खरोंचें उभर आईं। खरोंचों से खून भी निकलने लगा। उसकी कमीज़ की एक आस्तीन भी फट गई। वह जानता था कि कमीज़ फटने पर उसे माँ से डाँट खानी पड़ेगी। पर बिशन को इस बात का संतोष था कि वह अब तक तीतर की जान बचाने में कामयाब रहा।

झाड़ी से बाहर आकर वह सोचने लगा कि कैसे पहाड़ी के कोने-से फिसलकर नीचे पहुँचा जाए, लेकिन उस कोने में घास बहुत कांटेदार थी और ओस के कारण फिसलन भी। बिशन थककर वहीं एक किनारे बैठ गया। अभी वह बैठा ही था कि उसे पाँवों की आहट सुनाई दी। आहट सुनते ही वह उठकर दौड़ पड़ा। दौड़ते-दौड़ते वह आधी पहाड़ी पार कर चुका था। उसके कपड़े पसीने से तर-ब-तर हो गए, फिर भी वह रुका नहीं और किसी तरह कर्नल के प़्ाफ़ार्म हाउस के पिछवाड़े पहुँच ही गया। पिछवाड़े दरवाजा खुला था। उसने ताड़ के पेड़ का सहारा लिया और प़्ाफ़ार्म हाउस के अंदर पहुँच गया। तीतर को वह बड़ी सावधानी के साथ अपने सीने से लगाए हुए था।

1. बिशन क्यों भाग रहा था ?

2. बिशन ने खेतों के छोटे रस्ते से जाना क्यों तय किया ?

3. खेतों का रास्ता कैसा था ?

4. कमीज़ की आस्तीन फटने पर भी बिशन को किस बात की खुशी थी ?

5. बिशन फार्म हाउस के अन्दर कैसे और किसके सहारे से पहुँचा ?

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जैसा सवाल वैसा जवाब

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