मीरा बहन और बाघ

हिन्दी की पाठ्यपुस्तक रिमझिम में संकलित पाठ ‘मीरा बहन और बाघ’ पर आधारित वर्कशीट।

प्रश्न – अवतरण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

मीरा बहन और बाघ

पहाड़ी गाँवों में अक्सर बाघ का डर बना रहता है। जंगल कटने के कारण शिकार की तलाश में बाघ कभी-कभी गाँव तक पहुँच जाता है। गेंवली गाँव में एक बार यही हुआ। एक बाघ ने गाँव में घुसकर एक गाय को मार डाला। सुबह होते ही यह खबर पूरे गाँव में फैल गई। गाँव के लोग डरे कि यह बाघ कहीं फिर से आकर दूसरे पालतू जानवरों और किसी आदमी को ही अपना शिकार न बना ले। गाँव के लोग गोपाल आश्रम गए और उन लोगों ने मीरा बहन को अपनी चिंता बताई।

गाँव के लोगों ने अंत में तय किया कि बाघ को कैद कर लिया जाए। उसे कैद करने के लिए उन्होंने एक पिंजड़ा बनाया। पिंजड़े के अंदर एक बकरी बाँधी। योजना यह थी कि बकरी का मिमियाना सुनकर बाघ पिंजड़े की तरपफ़ आएगा। पिंजड़े का दरवाजा इस प्रकार खुला हुआ बनाया गया था कि बाघ के अंदर घुसते ही वह दरवाजा झटके से बंद हो जाए।

शाम होने तक पिंजड़े को ऐसी जगह पर रख दिया गया जहाँ बाघ अक्सर दिखाई देता था। यह जगह मीरा बहन के गोपाल आश्रम से ज्यादा दूर नहीं थी। रात बीती। सुबह की रोशनी होते ही लोग पिंजड़ा देखने निकल पड़े। उन्होंने दूर से देखा कि पिंजड़े का दरवाजा बंद है। वे यह सोचकर बहुत खुश हुए कि बाघ जरूर पिंजड़े में फँस गया होगा लेकिन जब वे पिंजड़े के पास पहुँचे तो क्या देखते हैं पिंजड़े में बाघ नहीं था!

(क) बाघ गाँव में क्यों आ आते थे ?

(ख) बाघ ने किसे मार डाला था ?

(ग) पूरे गाँव में क्या ख़बर फैल गई थी ?

(घ) लोगों ने किसे अपनी चिंता बताई ?

(ङ) पिंजड़े के अन्दर किसे बाधा गया था ?

(च) पिंजड़े का दरवाजा कैसा था ?

(छ) पिंजड़े को कहाँ रखा गया था ?

(ज) मीरा बहन कहाँ रहती थी ?

(झ) लोग क्या सोचकर खुश हो गए थे ?

(ञ) पिंजड़े के पास पहुंचकर लोगों ने क्या देखा ?

अकबरी लोटा

अक्षरों का महत्त्व

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

जैसा सवाल वैसा जवाब

टिकट अलबम

दादी माँ

पानी की कहानी

बिशन की दिलेरी

भगवान के डाकिए

मन करता है

झब्बर-झब्बर बालों वाले

मिर्च का मज़ा

मीरा बहन और बाघ

रक्त और हमारा शरीर

राख की रस्सी

लाख की चूड़ियाँ

लोकगीत

वीर कुँवर सिंह

सबसे अच्छा पेड़

साथी हाथ बढ़ाना

सूरदास के पद

हिमालय की बेटियाँ

4 comments

  • Suhani Kumari

    Good.
    Apathit Gadhyansh

  • Ishayu

    Very nice nice nice

  • .....प्रीति दीक्षित

    बहुत सरहनीय कार्य किया गया गया है । इस प्रकार से यदि हिन्दी में ऑनलाइन सामाग्री मिलेगी तो बच्चो को अभ्यास करवाने में आसानी होगी । आपका बहुत धन्यवाद …..

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