मेरा भारत

मेरा भारत

             भारत की हर एक चीज़ मुझे अपनी ओर आकर्षित करती है। यहाँ व्यक्ति के विकास के लिए जो चाहिए वह उपलब्ध है।

 

भारत दुनिया के उन देशों में से एक है, जिन्होंने अपनी पुरानी संस्कृति को कायम रखा है। यह वह देश है जिसपर सैंकड़ों वर्षों तक विदेशियों ने राज किया, फिर भी इसका मूल रूप आज भी कायम है और यही एक बड़ा कारण है कि भारत और भारतीय संस्कृति दुनिया में एक मिसाल है। किसी कवि ने सच ही कहा है –

                     यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोमा, सब मिट गए जहाँ सेIndia

                     अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशाँ हमारा

                     कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

                     सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा

               मैंने अपने जीवन में, अपनी सोच में जो कुछ-भी अच्छा पाया है, वह सब भारत से पाया है। मुझे भारतीय होने पर गर्व है। मैं बस यह कहना चाहता हूँ कि मेरा भारत सदा आबाद रहे।

 

यहाँ गरीबी का नामोनिशान न हो, कोई बच्चा भूखा न सोए, हर तरफ हरियाली हो, खुशियां हों, शुद्ध वातावरण हो, सभी को रोजगार मिले, भ्रष्टाचार ख़त्म हो जाए, सांप्रदायिक दंगे कभी न हों, आतंकवाद की घटनाएँ न हों। दोस्तों मैं चाहता हूँ मेरे प्यारे भारत में हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई मिलजुल कर रहें। जय हिन्द! जय भारत!