व्यक्तिवाचक संज्ञा

प्रश्न – व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझिए।

उत्तर – जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे – कुरान, भारत, अमेरिका, दिल्ली आदि।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के अन्य उदाहरण देखें –

सुरेश बाहर खेल रहा है।

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान हैं।

यहाँ इन वाक्यों में सुरेश और सचिन तेंदुलकर विश्व के सभी सुरेश और सचिन तेंदुलकर नाम के व्यक्तियों का बोध न कराकर एक व्यक्ति का बोध करा रहे हैं। इस प्रकार सुरेश और सचिन तेंदुलकर व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

 

महाभारत महान ग्रन्थ है।

रामायण हमारे लिए आदर्श है।

यहाँ इन वाक्यों में महाभारत और रामायण विश्व के सभी ग्रन्थों का बोध न कराकर विशेष ग्रन्थों का बोध करा रहे हैं। विश्व में भले ही महाभारत और रामायण के अनेक अलग-अलग ग्रन्थ हैं, किन्तु वे सभी ग्रन्थ एक ही वाणी हैं। इस प्रकार महाभारत और रामायण व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

 

कानपुर बहुत बड़ा महानगर है।

लखनऊ बहुत अच्छा महानगर है।

यहाँ इन वाक्यों में कानपुर और लखनऊ विश्व के सभी महानगरों का बोध न कराकर विशेष महानगरों का बोध करा रहे हैं। इस प्रकार महाभारत और रामायण व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

 

 

हिन्दी हमारी जान है।

अंगरेजी एक भाषा है।

यहाँ इन वाक्यों में हिन्दी और अंगरेजी विश्व के सभी भाषाओँ का बोध न कराकर विशेष भाषाओँ का बोध करा रहे हैं। इस प्रकार हिन्दी और अंगरेजी व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आती हैं।

 

अमिताभ बच्चन एक कलाकार हैं।

प. जवाहरलाल नेहरू महापुरुष थे।

यहाँ इन वाक्यों में अमिताभ बच्चन और प. जवाहरलाल नेहरू विश्व के सभी अमिताभ बच्चन और प. जवाहरलाल नेहरू के नाम के व्यक्तियों का बोध न कराकर विशेष व्यक्तियों का बोध करा रहे हैं। इस प्रकार अमिताभ बच्चन और प. जवाहरलाल नेहरू व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आती हैं।

 

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