संवाद लेखन

प्रश्न – संवाद किसे कहते हैं ?

उत्तर – दो या दो से अधिक लोगों के बीच होने वाले वार्तालाप को संवाद कहते हैं।

प्रश्न – संवाद लेखन किसे कहते हैं ?

उत्तर – जब दो या दो से अधिक लोगों के बीच होने वाले वार्तालाप को लिखा जाता है तब वह संवाद लेखन कहलाता है। संवाद लेखन काल्पनिक भी हो सकता है और किसी वार्ता को ज्यों का त्यों लिखकर भी।

प्रश्न – संवाद लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

उत्तर – संवाद लिखते समय मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए –

  1. संवाद सरल भाषा शैली में लिखे जाने चाहिएं।
  2. संवाद बोलने वाले का नाम संवादों के आगे लिखा होना चाहिए।
  3. संवाद एक दूसरे से जुड़े होने चाहिएं।
  4. संवाद न अधिक लम्बे होने चाहिए और न ही अधिक छोटे।
  5. संवाद पात्रों की भाषा शैली पर आधारित होने चाहिएं। जैसे – डॉक्टर, बच्चे और सब्जीवाले की भाषा में अंतर होता है।
  6. यदि संवादों के बीच कोई चित्र बदलता है या किसी नए व्यक्ति का आगमन होता है तो उसका वर्णन कोष्टक में करना चाहिए।
  7. संवाद बोलते समय जो भाव वक्ता के चेहरे पर हैं उन्हें भी कोष्टक में लिखना चाहिए।
  8. यदि संवाद बहुत लम्बे चलते हैं और बीच में जगह बदलती हैं तो उसे दृश्य एक, दृश्य दो करके बांटना चाहिए।
  9. संवाद लेखन के अंत में वार्ता पूरी हो जानी चाहिए।

प्रश्न – संवाद लेखन का के महत्त्व है ?

उत्तर – फ़िल्म से लेकर नुक्कड़ नाटक तक सभी संवाद लेखन पर निर्भर हैं। संवादों के आभाव में किसी फ़िल्म या नाटक की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

 

संवाद लेखन का एक उदाहरण देखिए –

 

 

कामेडी विद आज का नेता

(नेता एक मेज के ऊपर चड़ा हुआ है और उसका साथ देने के लिए नीचे कुछ लोग खड़े हैं)

कथावाचक –

दोस्तों ये हैं नेता,, नहीं-नहीं आप लोगों को गलतफहमी हो गई है. आप लोग भी चकमा खा गए ना, मैं भी इन्हें देखकर चकमा खा गया था. ये हैं नौटंकी नेता. नहीं समझे… मैं समझाता हूँ. दोस्तों हुआ यूं कि ये बेचारे एम. एल. ए. बनाना चाहते थे पर क्या करें किसी ने इन्हें वोट ही नहीं दिया. और ये बेचारे इलेक्शन हार गए. पर इन्होंने हार नहीं मानी है इसलिए इन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई है जिसका नाम है ख़ास आदमी पार्टी. इन्हें लगता है कि अरविन्द केजरीवाल की तरह ये भी एक दिन आम लोगों के दिल में जगह बना पाएंगे और इलेक्शन जीत जाएंगें. सीधी बात कहूं तो ये नकलची बन्दर हैं.  देश में बढ़ रहे आलू और प्याज की कीमतों को लेकर इन्होंने यह आन्दोलन छेड़ा है। ये कहते हैं कि जब तक दाल और प्याज के दाम कम नहीं होंगे ये इस मेज से नीचे नहीं उतरेंगे। तो आइये दोस्तों लेते हैं मजा इस हास्य नाटक का, तो प्रस्तुत है ‘कामेडी विद नेता’

 

नेता –       (गाना गाते हुए)

आलू का हो प्याज से भाईचारा

यही पैगाम हमारा……..

यही पैगाम हमारा……..

 

भाइयो और भाबीयो

मैं हूँ आज का नेता (तीन बार छींकता है) मैं भी मुख्यमंत्री बनाना चाहता हूँ इसलिए मैंने अपने लिए एक नई पार्टी बनाई है जिसका नाम है आज का आदमी पार्टी. दोस्तों हमारी पार्टी में आओगे तो आलू और प्याज सस्ते पाओगे. क्योंकि मैं ख़ास लोगों के लिए इस मेज पर खड़ा हूँ और तब तक नहीं उतारूँगा, जब तक आलू और प्याज के रेट कम नहीं होंगे.

ये धरना जारी रहेगा… चलता रहेगा…..

 

जनता –     आलू – प्याज

सस्ते करो, सस्ते करो

हमारी मांगे पूरी करो

पूरी करो पूरी करो

आलू – प्याज

सस्ते करो, सस्ते करो

 

(“अरे दीवानों मुझे पहचानो” गाना बजता है और भाई की एंट्री होती है)

 

डॉन –       कौन कहता डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है

पिछले तीन दिन में यहाँ की लोकल पुलिस मुझे 12 बार पकड़ चुकी है

“कहते हैं यहाँ के जो एम एल ए हैं उनकी साईकिल चोरी हो गई है

और हमें तुमपर शक है”

मैंने कहा “अबे मैं चुराता तो क्या मैं पैदल घूमता ?”

अबतक तो आपको पता चल ही गया होगा मैं कौन हूँ ?

मैं हूँ इस इलाके का मशहूर डॉन, छोटू डॉन हूँ

यहाँ के बच्चे मेरे से थरथर कापते हैं क्योंकि

सब जानते हैं छोटू डॉन एक बार उधार ले ले तो कभी वापस नहीं करता

वैसे मैं कोई आम डॉन नहीं हूँ

आपने सुना होगा पिछले साल एक आदमी ने 10 लोगों को लाइन में खड़ा करके गोली मार दी थी

मैं भी उन 10 में से एक हूँ

आपको क्या लगता है ये बाली मैंने ऐसे ही पहनी है

नहीं

गोली मेरे कान से निकलती हुई छेद करके निकल गई

मैंने कहा, “छेद तो हो ही गया तो क्यों न बाली पहन लूं”

बाकी मैं एक सच बात बताता हूँ अब इस धंदे में कुछ ख़ास कमाई है नहीं

मैं सुबह अख़बार फेंकता हूँ

रात को दूध भी बेचता हूँ

कभी-कभी तो मुझे पैसे की इतनी किल्लत हो जाती है कि अपने ही भाई को किडनैप करके बाप से 500 रुपये माँगने पड़ते हैं

लेकिन आज मुझे अच्छी खासी फरौती मिली है

मुझे आज के नेता का आन्दोलन बंद करवाना है

 

ओ हैल्लो! तुम लोगों में से आज का नेता कौन है ?

 

नेता –       भाई साहब कौन हैं आप ?

डॉन –       तू है क्या नेता ?

नेता –       भाई साहब यहाँ कोई नेता नहीं है जी

यहाँ कोई घपला नहीं है कोई स्कैम नहीं है जी

मैं आज का नेता हूँ जी

आज का नेता

डॉन –             अबे…… बकवास बंद, तुममे से कौन है नेता ? जल्दी बताओ ?

जनता –           आलू – प्याज

सस्ते करो, सस्ते करो

आलू – प्याज

सस्ते करो, सस्ते करो

आलू – प्याज

सस्ते करो, सस्ते करो

डॉन –             आता माजी सटकली

आआआआअ

कौन है नेता….. बाहर निकल…..

(डॉन और उसके गुंडे जनता को गन के डर से भगाते हैं पूरी स्टेज पर अफरा-तफरी मच जाती है. तभी पुलिस का सायरन बजता है, डॉन और उसके आदमी भाग जाते हैं. पुलिस-पुलिस चिल्लाते हुए.)

 

 

(रिपोर्टर की एंटी होती है)

रिपोर्टर –     घबराओ मत नेता साहब, अब वो गुंडे वापस नहीं आएँगे

नेता – धन्यवाद ! भाईसाहब

कौन हैं आप ?

रिपोर्टर –     अरे नेता जी आपने मुझे नहीं पहचाना

चैन से सोना है तो जाग जाओ

यहाँ से पचास-पचास कोस दूर जब कोई जब रात हो जाती है

तो माँ कहती है

“सुबह उठना है तो, जाग जाओ”

नेता – अरे आप

पहचान गया

आप वही हो ना जो टी वी पर आते हो

“सुबह उठना है तो, जाग जाओ”

रिपोर्टर –     चिंता मत करो नेता साहब

अब हम आ गए हैं

हम आपके आन्दोलन को टी वी पर दिखाएँगे

और आप रातों रात हीरो बन जाओगे

नेता –       धन्यवाद जी धन्यवाद

अब वो दिन दूर नहीं जब मैं भी मुख्यमंत्री बन जाऊँगा

रिपोर्टर –     बस हमारा ध्यान रखना

दो बोरी आलू और दो बोरी प्याज घर पहुंचवा देना

नेता – समझो पहुँच गए

रिपोर्टर –     देखो नेता जी जैसे ही मैं बोलूँ..

गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

ख़ास आदमी नेता है

बस आप कैमरे की तरफ देखकर बोलना

“मैं आज का नेता बोल रहा हूँ जी”

समझ गए

नेता –       हाँ-हाँ समझ गया

रिपोर्टर –     तुम्हें क्या बोलना है ?

नेता – गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

आज का नेता है

रिपोर्टर –     ओ ओ ओ……

बकवास नेता

ये मेरा डायलोग

तुम्हें बोलना है “मैं आज का नेता बोल रहा हूँ जी”

(रिपोर्टर गुस्सा शांत करते हुए कैमरे वाले को सेट करता है, पोजीशन लेता है और बोलता है)

गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

आज का नेता है

(कैमरामैन कैमरा लेकर नेता के सामने जाता है पर नेता अपने साथियों से बात कर रहा है, रिपोर्टर को गुस्सा आ जाता है, रिपोर्टर गुस्से से बोलता है)

नेता…….

(नेता एकदम से घबरा जाता है, रिपोर्टर शांत होकर बोलता है)

नेता जी शूटिंग

 

नेता –       ओके ओके

मैं तैयार हूँ

 

रिपोर्टर –     गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

आज का नेता है

(कैमरामैन कैमरा नेता के सामने ले जाता है, नेता डाइलोग फूल जाता है और याद करने की कोशिश करता है)

रिपोर्टर –     (गुस्से से) नेता जी डाइलोग बोलो…..

नेता – गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

आज का नेता है

रिपोर्टर –     (सर पीटते हुए) हे भागवान

कितना बड़ा नौटंकी बाज है ये इन्सान

(रिपोर्टर परेशान हो जाता है )

अरे वो मेरा डाइलोग है

तुम्हें बोलना है

“मैं आज का नेता बोल रहा हूँ………”

नेता – ओके ओके

पक्का

इस बार गलती नहीं होगी

(रिपोर्टर गुस्सा शांत करते हुए कैमरे वाले को सेट करता है, पोजीशन लेता है और बोलता है)

रिपोर्टर –     गोर से देखिए इस आदमी को

ये भोला सा दिखने वाला आदमी

कोई और नहीं

आज का नेता है

(बीच में ही मैं गाना बजता है और यमराज की एंट्री होती है)

 

यमराज –    यम हैं हम

(जोर-जोर से हँसता हुआ पूरी स्टेज पर घूमता है)

रिपोर्टर –     ओ…. हैलो

यहाँ कोई राम लीला नहीं हो रही

कौन है तू

यमराज –    मूर्ख मानव,

तू नहीं जानता

मैं यम हूँ यम

मौत का देवता यम

रिपोर्टर –     (यमराज के पैरों में गिर जाता है)

क्षमा करें महाराज मैंने आपको पहचाना नहीं

यमराज –    उठो पुत्र

रिपोर्टर –     क्षमा करें महाराज

मैं आपको पहचान नहीं पाया

महाराज यहाँ कैसे आना हुआ ?

यमराज –    मैं यहाँ किसी के प्राण हरने आया हूँ

कहाँ है ?

कहाँ है ?

रिपोर्टर –     कौन महाराज ?

यमराज –    आज का नेता

(सब एक साथ नेता की ओर उंगली करते हैं)

यमराज –    (ज़ोर-ज़ोर हँसते हुए) तुम्हारा जीवन काल समाप्त हुआ, आज के नेता हा हा हा…

नेता –       महाराज…. महाराज….

ये सब झूठे हैं

ये सब झूठे हैं

मैं आज का नेता नहीं हूँ

यमराज –    तुम्हारा क्या नाम है ?

नेता –       महाराज मैं करीना कपूर हूँ

यमराज –    अगर तुम करीना कपूर हो… तो नाच कर दिखाओ

म्यूजिक

(गाना बजता है मेरे फोटो को सीने से यार चिपकाले सैयां फेविकोल से. नेता बेढंगा डांस करता है)

यमराज –    यमराज से झूठ

(यमराज अपनी गधा से नेता के प्राण हर लेता है और ज़ोर-ज़ोर से हँसता है)

यमराज –    (यमराज जेब से पर्ची निकालता है और रिपोर्टर से पूछता है)

क्या तुम उस रिपोर्टर को जानते हो

रिपोर्टर –     पूछिए महाराज. मैं रिपोर्टर हूँ मैं बहुत रिपोर्टरों को जानता हूँ.

यमराज –    जो हमेशा बोलता है

चैन से सोना है तो जाग जाओ

(रिपोर्टर बेहोश होकर गिर जाता है. यमराज ज़ोर-ज़ोर से हँसता है और अचानक चुप होकर रिपोर्टर को उठाते हुए कहता है)

यमराज –    चल भाई नाटक खतम हुआ, खड़ा हो

 

 

संवाद समाप्त

भाषा

संज्ञा

सर्वनाम

लिंग

वचन

विशेषण

विलोम शब्द

विराम चिह्न

वाक्य रचना

कारक

मुहावरे

उपसर्ग

समास

सूचना लेखन

हिंदी व्याकरण वर्कशीट

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *