सफलता पाने का सबसे आसान रास्ता है – मेहनत का रास्ता

सफलता पाने का सबसे आसान रास्ता है – मेहनत का रास्ता

संसार में सभी लोग जीवन में सफल बनना चाहते हैं। अपना नाम कमाना चाहते हैं। अपने माता-पिता का नाम रौशन करना चाहते हैं। लेकिन ना जाने कितने ही लोग अपने अधूरे सपनों के साथ इस संसार से चले गए। दोस्तों, सफलता पाने का सबसे आसान रास्ता है- मेहनत का रास्ता। जो व्यक्ति मेहनत नहीं करना चाहता, वह कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। दोस्तों आज मैं आपके सामने एक ऐसे लड़के की कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ, जो बिलकुल भी मेहनत नहीं करना चाहता था। आलस्य ने उसे पूरी तरह घेर लिया था। फिर उसने विराट कोहली का इन्टरव्यू पढ़ा, जिससे प्रेरणा पाकर उसने मेहनत के महत्त्व को समझा। बाद में वह लड़का अपनी मेहनत और लगन से बहुत बड़ा आदमी बना और उसने अपने माता-पिता का नाम रौशन किया।

एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था – फतेहवीर मान। उसका मन पसंद खेल था – क्रिकेट। वह क्रिकेट में ‘विराट कोहली’ जैसा बल्लेबाज बनना चाहता था। हर दिन वह अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता था। धीरे-धीरे वह बहुत अच्छी क्रिकेट खेलने लग गया। आस-पास के गाँवों में उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के चर्चे होने लग गए। धीरे-धीरे फतेहवीर को अपने खेल पर घमंड होने लगा। अब वह केवल कुछ ख़ास मैचों में ही खेलना पसंद करने लगा। जिस दिन कोई मैच नहीं होता था, उस दिन वह आराम करता। उसे अब अभ्यास करने में आलस्य आने लगा। बिना अभ्यास के उसके खेल का स्तर घटता गया। धीरे-धीरे लोग उसे भूलने लग गए। अब उसे कोई पूछता नहीं था। फतेहवीर गुमनामी में खो गया।

लगभग छः महीने बाद फतेहवीर एक पत्रिका पढ़ रहा था, जिसमें मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली का इन्टरव्यू छपा था। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए विराट कोहली कह रहे थे कि यदी जीवन में नाम कमाना है, तो मेहनत करना कभी भी मत छोड़ना। चाहे तुम कितनी ही ऊंचाई पर क्यों न पहुँच जाओ। जिस दिन कोई भी व्यक्ति मेहनत करना छोड़ देता है, उसी दिन उसका पतन होना शुरू हो जाता है। मैं इतना बड़ा खिलाड़ी होकर भी हर दिन घंटों क्रिकेट का अभ्यास करता हूँ। यह पढ़कर फतेहवीर को अपनी गलती का एहसास हुआ। फतेहवीर ने हार नहीं मानी और एक नए जोश के साथ नई शुरुआत की। कुछ ही दिनों में फतेहवीर ने अपना खोया हुआ मुकाम ही हासिन नहीं किया बल्कि आई. पी. एल. की क्रिकेट टीम में भी स्थान प्राप्त कर लिया।

दोस्तों, इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें आलस्य नहीं करना चाहिए। अपनी पढ़ाई और खेल पर ध्यान देना चाहिए। मेहनत से एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।

फतेहवीर मान

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