स्वामी की दादी

1. गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

बैठक और भोजन-कक्ष के बीच, कम हवादार अँधेरे गलियारे की बंद-सी कोठरी में स्वामीनाथन की दादी अपने सारे सामान के साथ रहती थीं।  उनका सामान था-पाँच दरियों, तीन चादरों, पाँच तकियों वाला भारी-भरकम बिस्तर, पटसन के रेशे का बना एक वर्गाकार बक्सा और लकड़ी का एक छोटा बक्सा जिसमें ताँबे के सिक्के, इलायची, लौंग और सुपारी पड़े रहते थे। रात के भोजन के बाद स्वामीनाथन दादी के पास उनकी गोद में सिर रखे लौंग, इलायची की गंध भरे वातावरण में अपने को बहुत प्रसन्न और सुरक्षित महसूस कर रहा था।

बड़ी प्रसन्नता से भरकर वह बोला, “ओह दादी! तुम नहीं जानती, राजम कितनी ऊँची चीज़ है।“ उसने दादी को राजम और मणि की पहले दुश्मनी और फिर दोस्ती की कहानी कह सुनाई।

“तुम्हें पता है उसके पास सचमुच की पुलिस की वर्दी है” स्वामीनाथन बोला।

“सच….? उसे पुलिस की वर्दी क्यों चाहिए?” दादी ने पूछा।

“उसके पिता पुलिस अधीक्षक हैं। वह यहाँ की पुलिस के सबसे बड़े अफसर हैं।“

“दादी काफी प्रभावित हुईं। “उनका सच में काफी बड़ा दफ्तर होगा।“ उन्होंने कहा। फिर उन्होंने उन दिनों की कहानी सुनानी शुरू की जब स्वामीनाथन के दादा रौबदार सब-मजिस्ट्रेट थे, जिनके दफ्तर में पुलिसवाले काँपते हुए खड़े रहते थे। उनसे डरकर खूंखार से खूंखार डाकू तक भाग खड़े होते थे। स्वामीनाथन अधीर होकर उसकी कहानी खत्म होने का इंतजार करने लगा लेकिन दादी बोलती ही गईं, इधर-उधर भटकती हुई और अलग-अलग समय पर घटी घटनाओं को गडमड करती हुई।

“बस काफी है दादी” उसने रूखे स्वर में कहा, “मैं तुम्हें राजम के बारे में कुछ बताना चाहता हूँ। जानती हो, उसे गणित में कितने नंबर मिलते हैं?” “सारे नंबर मिलते होंगे। है न?” दादी ने पूछा। “अरे नहीं, उसे सौ में से नब्बे मिलते हैं।“ “चलो अच्छा है लेकिन तुम्हें भी मेहनत करके उसकी तरह नंबर लेने चाहिए— तुम्हें पता है तुम्हारे दादा कभी-कभी ऐसे उत्तर लिखते थे कि परीक्षकों को भी चकित कर देते थे। किसी सवाल का जवाब देने में वे दूसरों के मुकाबले दसवाँ हिस्सा वक्त लेते थे। और फिर उनके जवाब इतने शानदार होते थे कि कभी-कभी उनके अध्यापक उन्हें दो सौ नंबर तक दे देते थे।“

  • स्वामीनाथन की दादी कहाँ रहती थी ?

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  • स्वामीनाथन की दादी के पास क्या समान था ?

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  • स्वामीनाथन अपने आप को कब सुरक्षित महसूस करता था ?

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  • राजम को गणित में कितने नम्बर मिलते थे ?

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  • स्वामीनाथन के दादा परीक्षा में कैसे उत्तर लिखते थे ?

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