अपठित गद्यांश कक्षा – 3 के लिए

1. कविता को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

एक काबुलीवाले की कहते हैं लोग कहानी,

लाल मिर्च को देख गया भर उसके मुहँ में पानी।

सोचा, क्या अच्छे दाने हैं, खाने से बल होगा,

यह, जरूर इस मौसम का कोई मीठा फल होगा।

 

एक चवन्नी फ़ेंक और झोली अपनी फैलाकर,

कुंजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-ज्यों कुछ समझाकर।

लाल-लाल, पतली छीमी हो चीज़ अगर खाने की,

तो हमको दो तोल छीमियाँ चार आने की।

  • काबुलीवाले के मुहँ में पानी क्यों आ गया था ?
  • काबुलीवाले ने मिर्च को कैसा फल समझ लिया था ?

 

  • काबुलीवाला कुंजड़िन से क्या बोला ?
  • काबुलीवाले ने कितने आने की छीमियाँ तोलने को कहा ?

2. अवतरण को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

            पेड़ नीम का भी अच्छा है। उसकी दातुन बड़ी अच्छी रहती है। घर में कोई बीमार हो, तो लोग नीम की टहनियाँ दरवाजे पर लटका देते हैं। मेरे पास नीम का पेड़ हो तो मैं उसकी टहनियाँ बेच सकता हूँ और पेड़ मुझे ठंडी छाँह भी देगा और अगर मेरे पास रबड़ का पेड़ होता, तो मैं अपना चाकू निकाल कर पेड़ की छाल में एक चीरा लगा देता। चीरे के तले में एक प्याला रख देता। पेड़ के दूधिया रस को मैं एक प्याले में भर लेता। रस को पकाकर में रबड़ बना लेता। रबड़ मैं बेच देता। रबड़ से लोग गुब्बारे, टायर और तरह-तरह की चीज़े बनाते हैं।

  • घर में कोई बीमार होता है तो लोग क्या करते हैं ?
  • अगर लेखक के पास नीम का पेड़ होता तो बह उसका क्या करता ?
  • लेखक दूधिया रस से पकाकर क्या बना लेता ?
  • रबड़ से लोग क्या-क्या बनाते हैं ?

 

3. अवतरण को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

           एक कौए ने मोर के पंख लगा लिये और अपने को मोर समझकर मोरों की एक टोली में जा घुसा। उसे देखकर मोरों की टोली ने उसे फौरन पहचान लिया। फिर क्या ! दूसरे ही पल सारे मोर उसपर झपट पड़े। चोंच मारकर उसे अपनी टोली से दूर भगा दिया। रोता हुआ कौआ अपने घर में वापस लौट आया। उसके अपने दोस्त भी उसकी इस हरकत से नाराज हो गए थे। वे भी उस पर टूट पड़े। सौरे कौओं ने मिलकर उसके पंख नोच डाले। नकल को अकल कहाँ !

  • कौए ने किसके पंख लगा लिए थे ?
  • कौए किसकी टोली में जा घुसा ?
  • मोरों ने कौए को अपनी टोली से कैसे भगा दिया ?
  • रोता हुआ कौए कहाँ लौट आया ?   
  • कौए के दोस्तों ने नाराज क्यों हो गए थे ?
  • कौए के दोस्तों ने मिलकर कौए के क्या नोच डाले ?

4. दिए गए अवतरण को पढ़िए तथा प्रश्न का उत्तर दीजिए –

             युवक की आँखे भर आईं। वह बोला, “बाबू जी! आज से दस वर्ष पूर्व आपने बड़ी सहायता की थी। आपने मुझे एक रुपया दिया था। उस एक रुपये से मैंने फलों का व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे मेरा व्यवसाय बढ़ता चला गया। आज मेरी यह फलों की दुकान आपकी कृपा का ही फल है। यह उस एक रूपये का ही परिणाम है।

  • विद्यासागर जी ने उद्यमी लड़के कि सहायता कब की थी ?

5. दिए गए अवतरण को पढ़िए तथा प्रश्न का उत्तर दीजिए –

             हवेंग तूङ बोला, “मैं ऐसा नहीं कर सकता, महाराज! मैं चोर हूँ। चोरी कर मैंने पाप किया है। मैं पापी हूँ। मैं अपवित्र हूँ। यह बीज पवित्र है। इस पवित्र बीज को वही बो सकता है, जिसने कभी चोरी नहीं की हो, धोखा नहीं दिया हो और कभी झूठ नहीं बोला हो। महाराज! आप पवित्र हैं। आप ही इस पुण्य कार्य के योग्य हैं।“

  • मूल्यवान बीज कैसा व्यक्ति बो सकता था ?

6. दिए गए अवतरण को पढ़िए तथा प्रश्न का उत्तर दीजिए –

              हम मधुमक्खियाँ बड़ी ही कुशल कारीगर होती हैं। क्या तुमने हमारे छत्ते को ध्यान से देखा है? उसमें एक ही आकार के छह कोनों वाले कई कमरे होते हैं। इन सैकड़ों कमरों में हम मधु जमा करती हैं। शेष कमरों में हमारी रानी मक्खी अंडे देती है, जिनसे हमारा परिवार बढ़ता है।

  • मधुमक्खियों के कमरे कैसे होते हैं ?

7. दिए गए अवतरण को पढ़िए तथा प्रश्न का उत्तर दीजिए –

             एक दिन डेडालस खेतों से रहा गुज़र था। उसने रास्ते में पक्षियों के गिरे हुए पंख देखे। उसने उन पंखों को चुनकर एकत्र किया। एकत्रित पंखों को वह अपने घर ले आया। उसने पंखों को एक के ऊपर सजाकर रखा। फिर उसने उन्हें मोम से चिपकाया। इस प्रकार उसने पंखों का एक जोड़ा बनाया और उन्हें अपनी बाँहों में लगा लिया। डेडालस प्रतिदिन इसी तरह पंखों को धारण करता था। वह प्रतिदिन पक्षियों की तरह पंख पसारकर उड़ने का अभ्यास करता था।

  • डेडालस ने पंखों का जोड़ा कैसे बनाया ?

8. कविता को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

मन करता है सूरज बनकर

आसमान में दौड़ लगाऊँ।

मन करता है चंदा बनकर

सब तारों पर अकड़ दिखाऊँ।

मन करता है बाबा बनकर

घर में सब पर धौंस जमाऊँ।

मन करता है पापा बनकर

मैं भी अपनी मूँछ बढ़ाऊँ।

मन करता है तितली बनकर

दूर-दूर उड़ता जाऊँ।

मन करता है कोयल बनकर

मीठे-मीठे बोल सुनाऊँ।

  •  बच्चा क्या बनकर आसमान में दौड़ लगाना चाहता है ?
  • बच्चा चंदा बनकर क्या करना चाहता है ?
  • बच्चा क्या बनकर धौंस जमाना चाहता है ?
  • बच्चा किसके जैसे मूँछ बढ़ाना चाहता है ?
  • बच्चा कोयल बनकर क्या करना चाहता है ?

9. गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

            मीरा बहन का जन्म इंगलैंड में हुआ था। गांधी जी के विचारों का उन पर इतना असर हुआ कि वे अपना घर और अपने माता-पिता को छोड़कर भारत आ गई और गांधी जी के साथ काम करने लगीं।

            आज़ादी के पाँच साल बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक पहाड़ी गाँव, गेंवली में गोपाल आश्रम की स्थापना की। उस आश्रम में मीरा बहन का बहुत सारा समय पालतू पशुओं की देखभाल में बीतता था लेकिन गेंवली गाँव के आसपास के जंगलों में बाघ जैसे खतरनाक जानवर भी रहते थे।

             पहाड़ी गाँवों में अक्सर बाघ का डर बना रहता है। जंगल कटने के कारण शिकार की तलाश में बाघ कभी-कभी गाँव तक पहुँच जाते हैं। गेंवली गाँव में एक बार यही हुआ। एक बाघ ने गाँव में घुसकर एक गाए को मार डाला। सुबह होते ही यह खबर गाँव में फैल गई। डरे हुए गाँव के लोग गोपाल आश्रम गए और उन लोगों ने मीरा बहन को अपनी चिंता जताई।

  • मीरा बहन का जन्म कहाँ हुआ था ?
  • मीरा बहन किसे छोड़कर भारत आ गई थी ?
  • मीरा बहन किसके साथ काम करने लगीं ?
  • मीरा बहन ने किस आश्रम की स्थापना की ?
  • आज़ादी के कितने साल के बाद मीरा बहन ने आश्रम की स्थापना की थी ?
  • मीरा बहन का बहुत सारा समय कैसे बीतता था ?
  • गेंवती गाँव के जंगलों में कौन रहते थे ?
  • बाघ गाँव में क्यों आते थे ?
  • गाँव में क्या ख़बर फैल गई थी ?
  • लोगों की चिन्ता का क्या कारण था ?

अकबरी लोटा

अक्षरों का महत्त्व

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

जैसा सवाल वैसा जवाब

टिकट अलबम

दादी माँ

पानी की कहानी

बिशन की दिलेरी

भगवान के डाकिए

मन करता है

झब्बर-झब्बर बालों वाले

मिर्च का मज़ा

मीरा बहन और बाघ

रक्त और हमारा शरीर

राख की रस्सी

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सबसे अच्छा पेड़

साथी हाथ बढ़ाना

सूरदास के पद

हिमालय की बेटियाँ

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