VIII 2015-16 (Hindi)

E1 Assessment (2015-16)

Class – VIII
Subject – Hindi
पूर्णांक : 80                                  
समय : 2 घण्टे
नोट – सभी प्रश्न अनिवार्य हैं

 

परीक्षार्थी का नाम –
दिनांक –
निरीक्षक के हस्ताक्षर –
प्राप्त अंक –

 

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर लिखिए- [अंक – 9]
(क) ‘ध्वनि’ कविता के कवि कौन हैं ?
(A) कामतानाथ
(B) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
(C) हरिशंकर परसाई
(D) भगवती शरण
(ख) बदलू ने अपनी खाँसी किस रोग से सम्बन्धित बताई थी ?
(A) तपेदिक
(B) दमा
(C) फसली खाँसी
(D) छाती में जकड़न
 
(ग) बदलू किससे चिढ़ता था ?
(A) शहर के लोगों से
(B) शहर की औरतों से
(C) काँच की चूड़ियों से
(D) लाख की चूड़ियों से
 

 

(घ) बदलू लेखक को क्या कहकर पुकारता था ?
(A) लला
(B) बेटा
(C) मामा
(D) बिटवा
 
(ङ) लेखक के साथ उसके कितने मित्र बस की यात्रा कर रहे थे ?
(A) लेखक और उसके दो मित्र
(B) लेखक और उसके तीन मित्र
(C) लेखक और उसके चार मित्र
(D) लेखक और उसके पाँच मित्र
 
(च) ‘बस की यात्रा’ कहानी के लेखक का क्या नाम है ?
(A) कामतानाथ
(B) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
(C) हरिशंकर परसाई
(D) भगवती शरण
 
(छ) ‘ध्वनि’ कविता में कवि क्या विशवास जताता है ?
(A) अब समाज का अंत नहीं होगा
(B) अभी उसका अंत नहीं होगा
(C) हम चाहें तो भ्रष्टाचार का अंत हो सकता है
(D) ध्वनि का अंत नहीं होती
 
(ज) दीवानों के साथ-साथ क्या चलता है ?
(A) मस्ती का आलम
(B) केवल दीवाना
(C) देश का इतिहास
(D) उपयुक्त सभी
 
(झ) पत्रों की दुनिया कैसी है ?
(A) सरल
(B) कठिन
(C) अजीबो-गरीब
(D) मज़ेदार
2. निम्लिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए- [अंक-6]
किस ओर चले? यह मत पूछो,
चलना है, बस इसलिए चले,
जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले,
दो बात कही, दो बात सुनी,
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।
छककर सुख-दुख के घूँटों को,
हम एक भाव से पिए चले।     
3. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए- [अंक-6]
बस सचमुच चल पड़ी और हमें लगा कि यह गांधीजी के असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलनों के वक्त अवश्य जवान रही होगी। उसे ट्रेनिग मिल चकुी थी। हर हिस्सा दसूर से असहयागे कर रहा था। पूरी बस सविनय अवज्ञा आंदोलन के दारै से गुजर रही थी। सीट का बॉडी से असहयोग चल रहा था। कभी लगता सीट बॉडी को छोड़कर आगे निकल गई है। कभी लगता कि सीट को छोड़कर बॉडी आगे भागी जा रही है। आठ-दस मील चलने पर सारे भेदभाव मिट गए। यह समझ में नहीं आता था कि सीट पर हम बैठे हैं या सीट हम पर बैठी है।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए- [अंक-15]
(क) मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया ?
(ख) वस्तु विनिमय क्या है ? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है ?
(ग) लोगों ने ऐसी सलाह क्यों दी कि समझदार आदमी इस शाम वाली बस से सफर नहीं करते ?
(घ) “मैंने उस कंपनी के हिस्सेदार की तरफ पहली बार श्रद्धाभाव से देखा।” लेखक के मन में हिस्सेदार साहब के लिए श्रद्धा क्यों जग गई?
(ङ) पत्र जैसा संतोष फ़ोन या एसएमएस का संदेश क्यों नहीं दे सकता ?
5. ‘ध्वनि’ कविता का सार 70 से 80 शब्दों में लिखिए – [अंक 5]
6. ‘लाख की चूड़ियाँ’ कहानी का सार 70 से 80 शब्दों में लिखो – [अंक 5]
7. कविता को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए – [अंक – 6]
पक्षी और बादल,
ये भगवान के डाकिए हैं,
जो एक महादेश से
दूसरे महादेश को जाते हैं।
हम तो समझ नहीं पाते हैं
मगर उनकी लाई चिट्ठियाँ
पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ बाँचते हैं।
हम तो केवल यह आँकते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को सुगंध भेजती है।
और वह सौरभ हवा में तैरते हुए
पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।
और एक देश का भाप
दूसरे देश में पानी
बनकर गिरता है।
(क) कविता का नाम बताओ।
(ख) भगवान के डाकिए किन्हें कहा गया है ?
(ग) ये डाकिए कहाँ से कहाँ तक जाते हैं ?
(घ) इन डाकियों की लाई चिट्ठियाँ कौन पढ़ता है ?
(ङ) एक देश की धरती कहाँ क्या भेजती है ?
(च) एक देश का भाप कहाँ किस रूप में गिरता है ?
8. निम्नलिखित अवतरण को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए- [अंक – 8]
पिछली शताब्दी में पत्र लेखन ने एक कला का रूप ले लिया। डाक व्यवस्था के सुधार के साथ पत्रों को सही दिशा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए। पत्र संस्कृति विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रमों में पत्र लेखन का विषय भी शामिल किया गया। भारत ही नहीं दिुनया के कइ देशों में यह प्रयास चले और विश्व डाक संघ ने अपनी आरे से भी अनेक प्रयास किए। विश्व डाक संघ की आरे से 16 वर्ष से कम आयवुर्ग के बच्चों के लिए पत्र लेखन प्रतियोगिताएँ आयोजित करने का सिलसिला सन् 1972 से शुरू किया गया। यह सही है कि खास तौर पर बड़े शहरों और महानगरों में संचार साधनों के तेज विकास तथा अन्य कारणों से पत्रों की आवाजाही प्रभावित हुई है पर देहाती दुनिया आज भी पत्रों से ही चल रही है। फैक्स, ई-मेल, टेलीफोन तथ मोबाइल ने पत्रों की तेजी को रोका है पर व्यापारिक डाक की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पत्र व्यवहार की परंपरा भारत में बहुत पुरानी है। पर इसका असली विकास आजादी के बाद ही हुआ है। तमाम सरकारी विभागों की तुलना में सबसे ज्यादा गुडविल डाक विभाग की ही है। इसकी एक खास वजह यह भी है कि यह लोगों को जोड़ने का काम करता है। घर-घर तक इसकी पहुँच है। सचांर के तमाम उन्नत साधनों के बाद भी पत्रों की हैसियत बरकरार है। शहरी इलाकों में आलीशान हवेलियाँ हों या फिर झोपड़ियों में रह रहे लोग, दुर्गम जंगलों से घिरे गाँव हों या फिर बर्फबारी के बीच जी रहे पहाड़ों के लोग, समुद्र तट पर रह रहे मछुआरे हों या फिर रेगिस्तान की ढाँणियों में रह रहे लोग, आज भी पत्रों का ही सबसे अधिक बेसब्री से इंतजार होता है।
(क) पत्र लेखन ने पिछली शताब्दी में क्या रूप ले लिया ?
(ख) पत्र संस्कृति विकसित करने के लिए क्या किया गया है ?
(ग) विश्व डाक संघ की आरे सन् 1972 में क्या आरम्भ किया गया ?
(घ) पत्रों की तेजी को किसने रोका है ?
(ङ) पत्रों की संख्या कहाँ लगातार बढ़ रही है ?
(च) भारत में पत्र व्यवहार की परम्परा कैसी है ?
(छ) सबसे ज्यादा गुडविल किस सरकारी विभाग की है और क्यों ?
(ज) कौन पत्रों का बेसब्री से इंतजार करते हैं ?
9. समास किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझाओ। [अंक – 3]
10. संधी और समास में क्या अंतर है ? [अंक – 3]
11. अव्ययीभाव समास किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझाओ। [अंक – 2]
12. तत्पुरुष समास किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझाओ। [अंक – 2]
13. निम्नलिखित प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर लिखिए- [अंक – 10]
(क) ‘यथाशक्ति’ का समास-विग्रह क्या होगा ?
(ख) ‘रसोईघर’ का समास-विग्रह क्या होगा ?
(ग) ‘राजमाता’ का समास-विग्रह क्या होगा ?
(घ) ‘राधा-कृष्ण’ का समास-विग्रह क्या होगा ?
(ङ) ‘नीलकंठ’ का समास-विग्रह क्या होगा ?
(च) ‘गंगाजल – गंगा का जल’ समास में कौनसा पद प्रधान है ?
(छ) ‘दाल-रोटी’ समास में कौनसा पद प्रधान है ?

 

(ज) ‘नवरात्र’ समास में कौनसा पद प्रधान है ?
(झ) ‘चंद्रमुख’ समास में कौनसा पद प्रधान है ?
(ञ) ‘राजमहल’ समास में कौनसा पद प्रधान है ?

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