लोकगीत

हिन्दी की पाठ्यपुस्तक वसंत में संकलित पाठ ‘लोकगीत’ पर आधारित वर्कशीट।
प्रश्न – अवतरण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

लोकगीत

लोकगीत अपनी लोच, ताजगी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं ये। इनके लिए साधना की जरूरत नहीं होती। त्योहारों और विशेष अवसरों पर ये गाए जाते हैं। सदा से ये गाए जाते रहे हैं और इनके रचने वाले भी अधिकतर गाँव के लोग ही हैं। स्त्रियों ने भी इनकी रचना में विशेष भाग लिया है। ये गीत बाजों की मदद के बिना ही या साधारण ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से गाए जाते हैं।

लोकगीत बड़े ही ओजस्वी और सजीव हैं। यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है। मध्य प्रदेश, दकन, छाटेा नागपरु में गाडें-खाडं, ओराँव-मुंडा, भील-संथाल आदि फैले हुए हैं, जिनमें आज भी जीवन नियमों की जकड़ में बँध न सका और निर्द्वंद्व लहराता है।  इनके गीत और नाच अधिकतर साथ-साथ और बड़े-बड़े दलों में गाए और नाचे जाते हैं। बीस-बीस, तीस-तीस आदमियों और औरतों के दल एक साथ या एक-दूसरे के जवाब में गाते हैं, दिशाएँ गूँज उठती हैं।

वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में है। इनका संबंध देहात की जनता से है। बड़ी जान होती है इनमें। चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मिर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रदेश के अन्य पूरबी और बिहार के पश्चिमी जिलों में गाए जाते हैं। बाउल और भतियाली बंगाल के लोकगीत हैं। पंजाब में माहिया आदि इसी प्रकार के हैं। हीर-राँझा, सोहनी-महीवाल संबंधी गीत पंजाबी में और ढोला-मारू आदि के गीत राजस्थानी में बड़े चाव से गाए जाते हैं।

अनंत संख्या अपने देश में स्त्रियों के गीतों की है। हैं तो ये गीत भी लोकगीत ही, पर अधिकतर इन्हें औरतें ही गाती हैं।  इन्हें सिरजती भी अधिकतर वही हैं। वैसे मर्द रचने वालों या गाने वालों की भी कमी नहीं है पर इन गीतों का संबंध विशेषतः स्त्रियों से है। इस दृष्टि से भारत इस दिशा में सभी देशों से भिन्न है क्योंकि संसार के अन्य देशों में स्त्रियों के अपने गीत मर्दों या जनगीतों से अलग और भिन्न नहीं हैं, मिले-जुले ही हैं।

1. लोकगीत शास्त्रीय संगीत से किस प्रकार भिन्न हैं ?

2. लोकगीतों के लिए किसकी जरूरत नहीं होती ?

3. लोकगीत कब गाए जाते हैं ?

4. लोकगीत रचने वाले अधिकतर कौन लोग हैं ?

5. लोक गीत गाने के लिए किसकी आवश्यकता नहीं है ?

6. लोकगीत कैसे हैं ?

7. आदिवासियों का संगीत क्या है ?

8. जब बीस-बीस, तीस-तीस आदमियों और औरतों के दल एक साथ गीत गाते हैं, तब क्या होता है ?

9. वास्तविक लोकगीत कहाँ है ?

10. बनारस और उत्तर प्रदेश में गाए जाने वाले लोकगीतों के दो प्रकार बताइए ?

11. हीर-राँझा लोकगीत किस प्रदेश में गाए जाते हैं ?

12. ढोला-मारू किस राज्य का लोक गीत है ?

13. किन के गीतों की संख्या अनंत है ?

14. भारत इस दिशा में सभी देशों से भिन्न क्यों है ?

अकबरी लोटा

अक्षरों का महत्त्व

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

जैसा सवाल वैसा जवाब

टिकट अलबम

दादी माँ

पानी की कहानी

बिशन की दिलेरी

भगवान के डाकिए

मन करता है

झब्बर-झब्बर बालों वाले

मिर्च का मज़ा

मीरा बहन और बाघ

रक्त और हमारा शरीर

राख की रस्सी

लाख की चूड़ियाँ

लोकगीत

वीर कुँवर सिंह

सबसे अच्छा पेड़

साथी हाथ बढ़ाना

सूरदास के पद

हिमालय की बेटियाँ