संधि

संधि – Sandhi

प्रश्न – संधि किसे कहते हैं ? उदाहारण देकर समझाइए।

उत्तर – संधि शब्द का अर्थ मेल है, अर्थात मिलना। किन्हीं दो चीजों का आपस में मिलाना संधि कहलाता है। जब दो देश किसी मुद्दे पर समझौता कर लेते हैं उसे भी संधि ही कहते हैं। हिन्दी और संस्कृत में जब दो वर्ण आपस में मिलकर शब्दों में विकार अर्थात परिवर्तन कर देते हैं तो उसे संधि कहा जाता है। संधि में प्रथम शब्द का आख़री वर्ण और द्वितीय शब्द का प्रथम वर्ण मिलकर एक वर्ण बन जाते हैं। यह मेल इस कारण होता है कि हम उन वर्णों का जल्दी से अलग-अलग उच्चारण नहीं कर पाते। नीचे दिए गए उदाहरणों से आप इसे समझ सकते हैं।

 

उदाहरण 1

गिरि + ईश = गिरीश

यहाँ गिरि और ईश में संधि होने पर गिरीश शब्द बना। अब इसे समझने के लिए हम गिरि और ईश का वर्ण विच्छेद करके देखना होगा।

गिरि का वर्ण विच्छेद होगा = ग् + इ + र् + इ

ईश का वर्ण विच्छेद होगा = ई + श् + अ

जब ये दोनों शब्द एक साथ आते हैं तो वर्ण आपस में जुड़कर संधि कर देते हैं और दो शब्द एक शब्द में परिवर्तित हो जाते हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

गिरि + ईश = गिरीश

ग् + इ + र् + इ और ई + श् + अ

यहाँ गिरि शब्द का आख़री वर्ण ‘इ’ है और ईश शब्द का प्रथम वर्ण ई है। ये दोनों वर्ण आपस में मिलकर संधि कर रहे हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

ग् + इ + र् + इ (इ + ई = ई) ई + श् + अ

इ + ई = ई होता है।

इस प्रकार संधि शब्द बनता है –

ग् + इ + र् + ई + श् + अ

ग् + इ = गि

र् + ई = री

श् + अ = श

गि + री + श = गिरीश

 

उदाहरण 2

हिम + आलय = हिमालय

यहाँ हिम और आलय में संधि होने पर हिमालय शब्द बना। अब इसे समझने के लिए हम हिम और आलय का वर्ण विच्छेद करके देखना होगा।

हिम का वर्ण विच्छेद होगा = ह् + इ + म् + अ

आलय का वर्ण विच्छेद होगा = आ + ल् + अ + य् + अ

जब ये दोनों शब्द एक साथ आते हैं तो वर्ण आपस में जुड़कर संधि कर देते हैं और दो शब्द एक शब्द में परिवर्तित हो जाते हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

हिम + आलय = हिमालय

ह् + इ + म् + अ और आ + ल् + अ + य् + अ

यहाँ हिम शब्द का आख़री वर्ण ‘अ’ है और आलय शब्द का प्रथम वर्ण आ है। ये दोनों वर्ण आपस में मिलकर संधि कर रहे हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

ह् + इ + म् + अ (अ + आ = आ) आ + ल् + अ + य् + अ

अ + आ = आ होता है।

इस प्रकार संधि शब्द बनता है –

ह् + इ + म् + आ + ल् + अ + य् + अ

ह् + इ = हि

म् + आ = मा

ल् + अ = ल

य् + अ = य

हि + मा + ल + य = हिमालय

 

उदाहरण 3

अ+औ=औ परम + औषध = परमौषध

यहाँ परम और औषध में संधि होने पर परमौषध शब्द बना। अब इसे समझने के लिए हम परम और औषध का वर्ण विच्छेद करके देखना होगा।

परम का वर्ण विच्छेद होगा = प् + अ + र् + अ + म् + अ

औषध का वर्ण विच्छेद होगा = औ + ष् + अ + ध् + अ

जब ये दोनों शब्द एक साथ आते हैं तो वर्ण आपस में जुड़कर संधि कर देते हैं और दो शब्द एक शब्द में परिवर्तित हो जाते हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

परम + औषध = परमौषध

प् + अ + र् + अ + म् + अ और औ + ष् + अ + ध् + अ

यहाँ परम शब्द का आख़री वर्ण ‘अ’ है और औषध शब्द का प्रथम वर्ण औ है। ये दोनों वर्ण आपस में मिलकर संधि कर रहे हैं। नीचे उदाहरण देखिए-

प् + अ + र् + अ + म् + अ (अ + औ – औ) औ + ष् + अ + ध् + अ

अ + औ = औ होता है।

इस प्रकार संधि शब्द बनता है –

प् + अ + र् + अ + म् + औ + ष् + अ + ध् + अ

प् + अ = प

र् + अ = र

म् + औ = मौ

ष् + अ = ष

ध् + अ = ध

प + र + मौ + ष + ध = परमौषध

 

इस प्रकार वर्णों से मेल से संधि होती है। वर्णों के मेल के अनेक नियम हैं। इन्हीं नियमों के आधार पर संधि और संधि विच्छेद किया जाता है।

 

प्रश्न – संधि विच्छेद किसे कहते हैं ?

उत्तर – जब संधि शब्द को पहचानकर अलग-अलग किया जाता है तब उसे संधि-विच्छेद कहते हैं। जैसे भानूदय शब्द का संधि विच्छेद होगा भानु + उदय।

 

प्रश्न – संधि के कितने भेद हैं ?

उत्तर – संधि के तीन रूप हैं –

1. स्वर संधि

स्वर संधि के आगे पाँच भेद हैं –

क. दीर्घ स्वर संधि

ख. गुण स्वर संधि

ग. वृद्धि स्वर संधि

घ. यण् स्वर संधि

ङ. अयादि स्वर संधि

2. व्यंजन संधि।

3. विसर्ग संधि।

 

संधि वर्कशीट

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