अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता का अर्थ – अकेला मनुष्य अपने दम पर किसी बड़े काम को अंजाम नहीं दे सकता।
वाक्य प्रयोग – 1. यह काम किसी एक आदमी के बस का नहीं है तुम्हें पता होना चाहिए अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
2. तुम्हें डरने की आवश्यकता नहीं है क्योकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
अंडे होंगे तो बच्चे बहुत होंगे
अंधा बांटे रेवड़ी फिर फिर अपने को दे
अंधे को अँधेरे में बड़ी दूर की सूझी
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता
अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है
अपने पैरों पर आप कुल्हाड़ी मारना
अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
अभी तो तुम्हारे दूध के दांत भी नहीं टूटे
आम खाने से काम या पेड़ गिनने से काम
इस कान से सुनना उस कान से निकाल देना
उखली में सिर दिया तो मूसल का क्या डर
एक म्यान में दो तलवारें नहीं रहती
कमान से निकला तीर और मुंह से निकली बात वापस नहीं आती
काठ की हाँडी आँच पर बार बार नहीं चढ़ती
काम का ना काज का दुश्मन अनाज का
कुत्ते की दुम बारह वर्ष नली में रखी तब भी टेड़ी की टेड़ी
कुत्ते को देशी घी हजम नहीं होता
कुम्हार अपने घड़े को कच्चा नहीं कहता
खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है